इस बार आ रहा है Leap Year, जानें Leap Year का क्या मतलब है? पहला लीप ईयर कब हुआ था?

Leap Year 2024: नए साल की शुरुआत हो चुकी है और हम सब साल 2024 में कदम रख चुके हैं । नए साल के शुरू होते ही हम सब अलग-अलग प्रकार के प्रण लेते हैं और इस साल को और बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। आमतौर पर 1 साल में 365 दिन होते हैं और हम साल के इन 365 दोनों को सुंदर और बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। परंतु साल 2024 में हमें एक दिन और अधिक मिल रहा है । साल 2024 एक Leap Year है इस वर्ष आपको अपने जीवन को सुंदर और बेहतर बनाने के लिए एक दिन अधिक मिल रहा है।

कब है Leap Day?

वर्ष 2024 में Leap Day 29 फरवरी 2024 को मनाया जाएगा । आमतौर पर फरवरी में 28 दिन होते हैं । जैसा कि हम सब जानते हैं फरवरी पूरे साल में सबसे छोटा महीना कहलाता है । परंतु प्रत्येक 4 साल में फरवरी में 1 दिन अतिरिक्त मिलता है और फरवरी 29 दोनों का हो जाता है। इसी दिन को लीप डे के नाम से जाना जाता है। साल 2024 में 29 फरवरी गुरुवार के दिन यह लीप डे मनाया जाएगा।

क्यों मनाया जाता है Leap Day?

पाठकों की जानकारी के लिए बता दे कैलेंडर पृथ्वी के मौसम के अनुसार बनाया जाता है।  एक कैलेंडर में दिन की संख्या पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने के हिसाब से बनाई जाती है। पृथ्वी को सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में लगभग 365.242 दिनों का समय लगता है। लेकिन आमतौर पर 1 साल में 365 दिन ही गिने जाते हैं। परंतु पृथ्वी 365 दिनों के अलावा अतिरिक्त समय भी एक चक्कर पूरा करने में लेती है जो की 0.242 दिन होता है। अगर 0.242 दिन को 24 घंटे में बदलना हो तो इसे चार बार जोड़ना पड़ता है। इसीलिए हर 4 साल के बाद एक दिन कैलेंडर में अतिरिक्त जोड़ा जाता है और यही लीप ईयर कहलाता है।

UGC NET Result 2023: 17 जनवरी को जारी होगा यूजीसी नेट रिजल्ट 2023 [Official Update]

Bina PAN Card ke Loan 2024: बिना पैन कार्ड के पाएं 50,000 रुपये का पर्सनल लोन, 101% गारंटीड अप्रूवल

कोई वर्ष Leap Year है यह किस प्रकार पता किया जाता है ?

कोई वर्ष लीप ईयर है या नहीं यह पता करने के लिए दो प्रकार की शर्तों को पूरा करना आवश्यक होता है

 सबसे पहले तो जब भी किसी वर्ष को चार से भाग देने पर शून्य उत्तर आता है तो ऐसे में वह वर्ष Leap Year कहलाता है।  जैसे की 2000 को 4 से भाग देने पर उत्तर शून्य आता है ।वही 2004 ,2008 ,2012 ,2016, 2020 और 2024 को यदि हम चार से भाग देते हैं तो उत्तर शून्य ही आता है। इस प्रकार यह सारे वर्ष Leap Year गिने जाएंगे।

इसके अलावा Leap Year गिनने की अगली शर्त यह है कि अगर किसी वर्ष को पूरी तरह से 100 से भाग दिया जा सके तो वह लीप ईयर में नहीं गिना जाएगा, पर यदि उस वर्ष को हम 400 से विभाजित कर सकते हैं तो वह Leap Year कहलाएगा।  उदाहरण के लिए 2001 को हम 100 से विभाजित कर सकते हैं परंतु 400 से वह पूरी तरह से विभाजित नहीं होता । वहीं 2004 को हम 100 से विभाजित नहीं कर सकते परंतु वह 400 से पूरी तरह से विभाजित हो जाता है। इसलिए 2004 लीप ईयर कहलाएगा।

Leap Year मनाना कब से शुरू किया गया था ?

लीप ईयर की शुरुआत ईसा पूर्व  40 में की गई थी । उस समय जूलियन कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता थाम  जूलियन कैलेंडर में 1 वर्ष 365 दोनों का रखा जाता था और हर चार साल में एक 366वां दिन जोड़ दिया जाता था। हालांकि जूलियन कैलेंडर में बहुत सारी गलतियां पाई गई और वही पृथ्वी को सूर्य के चक्कर लगाने में 6 घंटे अतिरिक्त लगते है जिससे कैलेंडर सौर वर्ष की तुलना में लंबा हो जाता था । वही जब 16वीं शताब्दी में इसकी गणना की गई तो कैलेंडर में 10 दिन अतिरिक्त जमा हो गए जिससे यह पता चला की जूलियन कैलेंडर में बहुत सारी गड़बड़ी है ।

उस समय इन में अतिरिक्त 10 दिनों का गणित ठीक करने के लिए 4 अक्टूबर के बाद अगले दिन को 15 अक्टूबर कर दिया गया और उसके बाद से ही इस गलती को भविष्य में न दोहराया जाए इसके लिए एक New Calander बनाने का निर्णय लिया गया । उसके बाद में यह निर्णय लिया गया कि हर वह वर्ष जो 400 से विभाज्य होगा उस वर्ष को लीप ईयर घोषित कर दिया जाएगा और इस अतिरिक्त  दिन  को  फरवरी में जोड़ा जाएगा।  इस हिसाब से तब से ग्रेगॅरियन कैलेंडर के अनुसार फरवरी 29 दिन का होने लगा।

IDFC First Wealth Credit Card 2024: सब्जी या सोना, कुछ भी लो मिलेगा 10 गुना रिवॉर्ड पॉइंट; आज जाने सब कुछ यहां

Leap Day फरवरी में ही क्यों जोड़ा जाता है?

 आप सबके मन में यह सवाल आता होगा कि फरवरी में ही लीप डे क्यों जोड़ा जाता है। इसको किसी और महीने भी तो जोड़ा जा सकता था। इसका मुख्य कारण है ग्रेगोरियन कैलेंडर से पहले जूलियन कैलेंडर प्रचलन में था । जूलियन कैलेंडर सौर कैलेंडर माना जाता था जिसमें साल का पहला पहला महीना मार्च और आखरी महीना फरवरी माना जाता था और इसी के अनुसार Leap Year की व्यवस्था की गई ,जिसमें 365 दिन के अनुसार 12 महीनों में प्रत्येक दिन 30 या 31 दिन का रखा गया और अंतिम महीने में केवल 28 दिन जोड़े गए । और इसी महीने में Leap Day भी जोड़ दिया गया । ग्रेगोरियन कैलेंडर आने के पश्चात पहला महीना जनवरी हो गया लेकिन इस कैलेंडर में भी फरवरी में ही लीप  डे जोड़ना प्रचलन में लाया गया ,क्योंकि फरवरी सबसे छोटा महीना होता था और ऐसे में इसी क्रम को मानते हुए फरवरी में ही लीप डे जोड़ दिया गया।

तो इस प्रकार साल 2024 Leap Year कहलायेगा और इस साल फरवरी में आप सबको मिलेंगे 29 दिन। कुल मिलाकर इस साल आपको अपने वर्ष को बेहतर करने के लिए तथा खुद पर काम करने के लिए एक दिन अतिरिक्त मिलेगा।

bhartiaxa

Leave a Comment